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मिलिन्द प्रश्न (प्रस्तावना भाग 1)

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नमो बुद्धाय! बौद्ध ग्रंथों में "मिलिन्द प्रश्न" नामक ग्रंथ अपना एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। चूँकि "मिलिन्द प्रश्न ग्रंथ की गिनती त्रिपिटक के ग्रंथों में नहीं की जाती, परंतु त्रिपिटक के बाद लिखे जाने वाले बौद्ध ग्रंथों में इसकी महत्वता को कम नहीं समझा जा सकता। जिस प्रकार हिन्दू धर्म के ग्रंथों में श्रीमद्भागवत गीता का एक अतुल्य स्थान है और गीता में श्री कृष्ण ने अर्जुन की विभिन्न शंकाओं का समाधान करने के लिए उपदेशात्मक उत्तर दिए हैं उसी तरह मिलिन्द प्रश्न में सम्राट मिलिन्द (मिनांडर) के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का, शंकाओं का समाधान भिक्खु नागसेन के द्वारा किया गया है। ईसा से 326 वर्ष पूर्व यूनानी सम्राट सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था, परंतु उसकी सेना मगध की विशाल सेना का सामना न कर पायी और उसे वापस लौटना पड़ा। सिकंदर के कुछ साथी पश्चिमी एशिया में बस गए, और इस प्रकार भारत में यूनानियों का आकर बस जाना जारी रहा। ईसा से 150 वर्ष पूर्व भारत के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में सागल या शाकल नामक देश था, जिस पर यूनानी राजा मिनांडर का शासन था। मिनांडर एक यूनानी नाम है जिसका हिंद...

मिलिन्द पन्ह : पुस्तक समीक्षा

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मन भटक - भटक जाए  पर बुद्ध की शरण में हर बार लौट आये कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है आजकल, मन बार - बार भटक जा रहा है, पर फिर भी एक राह ऐसी है, जो हमेशा से ही अपने द्वार खोले हुई है और वह राह भगवान तथागत बुद्ध के धम्म की राह है। कई दिनों से काफी अलग - अलग तरह की किताबें पढ़ने की कोशिश कर रहा था, पर पता नहीं क्यों उन किताबों में आत्म संतुष्टि नहीं मिल रही थी। कुछ अच्छा सीखने की चाह शुरुआत और अंत में विचारों पर संयम रखने की सलाह देती है, और लगभग हर मोटिवेशनल किताब में लेखक ने इसी सिद्धांत को अपने-अपने तरीके से दोहराया है। जिसे आज से लगभग 2600 साल पहले तथागत बुद्ध ने दुनिया को बताया था। इसी राह पर मैंने पिछले दिनों बौद्ध धम्म की एक अमूल्य पुस्तक "मिलिन्द पन्ह", जिसका अनुवाद पूजनीय भिक्खु जगदीश काश्यप जी ने किया है, पढ़ना आरम्भ किया है। किताब में आपको ऐसे छोटे-छोटे से प्रश्न जो कभी आपके मन में जरूर उठते होंगे उनका भी सटीक वर्णन किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं कि आज कल बौद्ध धम्म अनुयायियों द्वारा स्वर्ग-नर्क, पुनर्जन्म, इंद्र, ब्रम्हा इत्यादि विषयों पर विश्वास करने से मना कर दिया जाता...